आस्था का अनोखा रंग...
लोकेशन, रींगस, सीकर
रिपोर्ट बी एल सरोज
9413070428
*भारी बारिश में भी नहीं टूटी आस्था: महाराष्ट्र से 840 महिलाएं कर रहीं पदयात्रा और बारां का युवक कर रहा पेट पलायन*
*रींगस-खाटू मार्ग पर जलभराव से खुली प्रशासन की पोल, श्याम भक्त परेशान*
एंकर :- श्याम भक्तों की आस्था का अनूठा नजारा आज शुक्रवार को रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग पर देखने को मिला। सुबह से हो रही झमाझम बारिश के बावजूद बाबा के दरबार पहुंचने के लिए भक्तों का जत्था लगातार आगे बढ़ता रहा।
*महाराष्ट्र से आई 840 महिलाओं का जत्था कर रहा पदयात्रा* देश की आर्थिक और फिल्मी राज्य के नाम से जाने , जाने वाले राज्य महाराष्ट्र से 840 महिला श्याम श्रद्धालुओं का जत्था रींगस से खाटू धाम तक पदयात्रा कर रहा है। भीगते कपड़ों और कीचड़ भरे रास्तों के बीच भी महिलाएं बाबा श्याम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रही थीं। भक्तों का कहना है कि बारिश आस्था के आगे छोटी है।
इसी बीच राजस्थान के *बारां जिले के निवासी वीरेन्द्र प्रजापति* ने अपनी मन्नत पूरी होने पर अनोखी *पेट पलायन यात्रा* कर सबका ध्यान खींचा। वीरेन्द्र ने बताया कि करीब 1 साल पहले उन्होंने बाबा के दरबार में बेटे की मनोकामना मांगी थी। बाबा की कृपा से मनोकामना पूरी होने पर वे रींगस से खाटू धाम तक पेट के बल यात्रा कर रहे हैं।
भारी बारिश और सड़क पर भरे गहरे पानी के बीच भी वीरेन्द्र बाबा के जयकारे लगाते हुए लगातार आगे बढ़ रहे थे।
*प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल*
वहीं रींगस-खाटूश्यामजी सड़क मार्ग पर कई जगहों पर भरा गहरा पानी *रींगस उपखंड प्रशासन और नगर पालिका के ड्रेनेज सिस्टम* की पोल खोल रहा है। पानी और कीचड़ के कारण पदयात्रा कर रहे भक्तों और आम राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और "जय श्री श्याम" के नारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा।
*क्या है पेट पलायन?*
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