मकर संक्रांति पर पतंगों की उड़ान
*सीकर से स्पेशल - पतंग-डोर से सजे बाजार/चाइनीज मांजे पर उठे सवाल*
संवाददाता - जगदेव सिंह पंवार
दिनांक - 11/01/2026
मकर संक्रांति से पहले सीकर के बाजारों में रंग-बिरंगी पतंगों-चर्खियों की बहार,
ऑपरेशन सिंदूर, पीएम मोदी के चित्रों व बरेली की पतंगे खरीदने का है काफी क्रेज
चाइनीज मांजे पर उठे सवाल, स्थानीय लोग बोले जिला प्रशासन और नगर परिषद ने नहीं की अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई
मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आते ही सीकर के मुख्य बाजारों में पतंगबाजी का रंग चढ़ गया है। शहर के घंटाघर, फतेहपुरी गेट, सूरजपोल गेट सहित अन्य प्रमुख बाजार रंग-बिरंगी पतंगों और डोर (मांझे) से भरी चर्खियों से पूरी तरह सजे नजर आ रहे हैं। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग पतंग और डोर की खरीदारी के लिए बाजारों में पहुंच रहे हैं, जिससे दुकानदारों में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
दुकानदारों के अनुसार इस बार बरेली की पतंगे और चरखी की मांग सबसे ज्यादा है। हालांकि इनकी कीमत सामान्य पतंगों की तुलना में अधिक है, लेकिन फिर भी लोग इन्हें बड़े चाव से खरीद रहे हैं। इस बार पतंगों में खास आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर बनी पतंगें बनी हुई हैं, जिनकी बिक्री जमकर हो रही है। वहीं बच्चों के लिए डोरेमोन, मोटू-पतलू, स्पाइडर-मैन सहित अन्य कार्टून कैरेक्टर वाली पतंगें भी बाजार में खूब पसंद की जा रही हैं।
सीकर के घंटाघर इलाके में पतंग खरीदने आए स्थानीय लोगों का कहना है कि मकर संक्रांति को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह है और बाजारों में रौनक साफ दिखाई दे रही है। हालांकि, इस खुशी के माहौल के बीच चाइनीज मांजे की बिक्री को लेकर चिंता भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और नगर परिषद की लापरवाही के चलते इस बार भी चाइनीज मांजा खुलेआम बिक रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस और बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। केवल गली-मोहल्लों की छोटी दुकानों पर कार्रवाई कर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है। चाइनीज मांजा न सिर्फ इंसानों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, बल्कि इससे पशु-पक्षियों को भी भारी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि त्योहार से पहले चाइनीज मांजे पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि मकर संक्रांति का पर्व सुरक्षित और आनंदमय तरीके से मनाया जा सके।
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