2500 युवाओं को मिलेगा सीकर में कौशल प्रशिक्षण.. खर्रा
सीकर में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
मंत्री खर्रा बोले सीकर जिले के 2500 से अधिक युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण
निकाय चुनाव पर बोले राज्य सरकार और स्वास्थ्य शासन विभाग ने अपना काम पूरा किया, अब अन्य पिछड़ा आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग जब चाहे चुनाव करवा ले हमें तैयार
भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तहत 'स्किल इंडिया मिशन - कौशल भारत, कुशल भारत' के अंतर्गत ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने वीडियो संदेश एवं राजस्थान सरकार के नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामेश्वरलाल रणवा ने की। इस दौरान पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती तथा ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान के पूर्व अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् चैन सिंह आर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण महिला शिक्षण संस्थान की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। इस दौरान यूडीएच मंत्री खर्रा ने संबोधित करते हुए कहा कि भारतवर्ष में प्राचीन समय में गुरुकुल शिक्षा पद्धति में प्रत्येक व्यक्ति को उसकी रुचि और क्षमता का आकलन कर उसे पारंगत बनाया जाता था। तभी उस समय देश सोने की चिड़िया कहलाता था। ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन आने के बाद देश में मैकॉले की शिक्षा पद्धति लागू कर गुरुकुल की शिक्षा पद्धति को नष्ट किया गया था। यहां के लोगों को नौकर बनाने पर ज्यादा कार्य किया गया, जबकि उनका कौशल सुधारने पर कोई कार्य नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कौशल विकास पर कार्य करते हुए गांव-गांव, ढाणी-ढाणी में आमजन को रुचि एवं योग्यता के अनुसार उसी क्षेत्र में पारंगत कर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया है, जिससे वे देश के आर्थिक विकास में योगदान दे सकें। इस दौरान उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं में आमजन से सक्रिय योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां सभी क्षेत्रों में लड़कों से आगे हैं। उन्होंने लड़कियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार कार्य करते हुए अपने क्षेत्र में पारंगत बनें तथा देश के विकास में अपना योगदान दें, ताकि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके। यह कौशल रथ सीकर जिले में गांव-गांव में जाकर 2500 युवाओं को प्रशिक्षण देकर सर्टिफाइड करेगा। कौशल रथ के माध्यम से 5 दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन 2 घंटे प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उसके बाद सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। कौशल रथ उद्यमिता, वित्तीय एवं डिजिटल कौशल विकसित करने के लिए गांव-गांव जाएगा।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने निकाय चुनाव पर बोलते हुए कहा कि निकाय चुनाव को लेकर राजस्थान सरकार और स्वास्थ्य शासन विभाग को जो कार्य करना था वह सितंबर माह और अक्टूबर माह के बीच में पूरा करके सारी अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि अब मामला अन्य पिछड़ा आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग का है कि वह जब भी अपना कर्तव्य पूरा कर लेंगे तो निकाय चुनाव करवा देंगे। अप्रैल माह में चुनाव करवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी तरफ से चाहे फरवरी में ही चुनाव करवा लो, इसके लिए राज्य सरकार और स्वायत्त शासन विभाग तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारे स्तर पर कोई भी काम बकाया नहीं है जो चुनाव में बाधा बनता हो। कुछ समाजों को पूर्ववर्ती सरकार के समय छात्रावास के लिए भूमि आवंटन के फैसले की अब राज्य सरकार द्वारा निरस्त करने के सवाल पर बोलते हुए मंत्री खर्रा ने कहा कि गत सरकार ने अंतिम 6 महीने में इतने आवंटन किए, जिनमें से जिन्होंने पैसे जमा करवा दिए उन्हें कब्जा दे दिया गया वह बाहल रहेंगे और बाकी इस शर्त के साथ इस शर्ट के साथ निरस्त किए गए हैं कि अगर उन्हें आवश्यकता है तो नए सिरे से राजस्थान नई वह आवंटन नीति के तहत आवेदन करें और उनकी जांच के बाद जो जो योग्य संस्थाएं होगी उन्हें भूमि आवंटन की जाएगी।
इस दौरान संस्थान की पायल चौधरी, रिंकू कुमारी, रितु, रीना, प्रियंका कुमावत, वंशिका एवं डिंपी को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान संस्थान के विकास में सक्रिय योगदान देने वाले भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक एवं अध्यक्ष देवनारायण बोर्ड जोगिंदर सिंह अवाना, जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह शेखावत, , प्रभु सिंह ओला, बीरबल ढाका, बीएल मील सहित अन्य उपस्थित रहे।
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