सामाजिक सरोकारों को समर्पित है श्री सूर्य मंडल समाज सेवा समिति
Editor Khabar se Khabar
अक्टूबर 18, 2026
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धार्मिक परंपराओं और सनातन धर्म व समाज सेवा को समर्पित है श्री सूर्य मंडल समाज सेवा समिति
नवम्बर 1976 में हुई थी स्थापना
रंगमंच के लिए स्थानीय प्रतिभाओं को तराशने का सबसे बड़ा संस्थान है श्री सूर्य मंडल
रींगस न्यूज ( बी एल सरोज ) समाज सेवा सामाजिक सरोकार धर्म संस्कृति और सनातन धर्म के निर्वहन का पर्याय बन चुके श्री सूर्य मंडल समाज सेवा समिति की स्थापना रींगस शहर में शांति सद्भाव एवं सामाजिक कार्यों को प्राथमिकता देने के लिए इसकी स्थापना 1976 में शहर के कुछ युवाओं और वरिष्ठ लोगों ने मिलकर की थी । इस मंडल के फाउंडर सदस्यों में गोगराज शर्मा, रामेश्वर लाल तिवारी , गजानंद जोशी , शिवप्रसाद जांगिड़, हनुमान प्रसाद बागवान, सलीम कायमखानी , रतनलाल बावलिया , प्रभात बागड़ा, सलीम कायमखानी प्रमुख रूप से थे और मंडल के पहले अध्यक्ष गोगराज शर्मा को बनाया गया । वहीं पर उस समय सरकारी नौकरियों में सेवाएं दे रहे सदस्य भी इस मंडल से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहे, जिनमें चिरंजी लाल डाक वाला, हरिप्रसाद बलौदा, गोपाल बींवाल प्रमुख रूप से थे। मंडल का गठन समाज सेवा सामाजिक कार्य और भारतीय हिंदू धर्म को बढ़ावा देने सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने सहित अनेक सामाजिक सरोकार को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया जिसमें सबसे महत्वपूर्ण शहर में भगवान राम के जीवन से जुड़ी लीलाओं के मंचन हेतु रामलीला का आयोजन करना जो 1976 से आज तक प्रतिवर्ष अनवरत जारी है । मंडल में चाहे कोई भी सदस्य रहा हो या कोई भी अध्यक्ष बना हो सभी ने सामाजिक समरसता को प्राथमिक रखा और समाज सेवा ही धर्म है की ज्योत लेकर आगे बढ़ते रहे फिर चाहे लोक देवता भेरू बाबा का मेला हो , कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हो या अन्य कोई धार्मिक आयोजन हो। साथ ही कोई आपदा शहर पर आई हो सूर्य मंडल के सभी सदस्य कंधे से कंधा मिलाकर लगातार सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ाते रहे सदस्यों द्वारा कोरोना काल में की गई सेवाओं को कोई शहरवासी भुला नहीं सकता है। रींगस का यह छोटा सा दल या मंडल आज एक वट वृक्ष का रूप ले चुका है या यह भी कहा जा सकता है कि एक कारवां में बदल चुका है अध्यक्ष पद पर कभी चिंरजी लाल डाकवाला, तो कभी हरिप्रसाद बलौदा , प्रकाश सारस्वत , निरंजन शर्मा , गोपाल बिंवाल , गजानंद जोशी सहित अनेक वरिष्ठ लोग इस पद को सुशोभित करते रहे और अपने कुशल नेतृत्व में मंडल को आगे बढ़ाते रहे । दूसरे शब्दों में यह भी कहा जा सकता है कि सूर्य मंडल स्थानीय कलाकारों के अभिनय को या नई प्रतिभाओं को तलाशने का एक बड़ा प्लेटफार्म भी है 1976 से लगातार आज तक चल रही रामलीला में स्थानीय कलाकार प्रमुखता से भाग लेते हैं और अपने अभिनय की छाप छोड़ते हैं । फिर चाहे रावण का अभिनय हो राम का चरित्र निभाने की बात हो लक्ष्मण परशुराम सुग्रीव बाली हनुमान सीता मंदोदरी के कई कौशल्या सुमित्रा विश्वामित्र किसी भी व्यक्तित्व का अभिनय हो हर कलाकार ने अपनी छाप छोड़ी है नए कलाकारों की बात करें तो वर्तमान में रावण का अभिनय कर रहे चंद्रभान सैनी राम का अभिनय कर रहे गौरव जांगिड़ , लक्ष्मण का किरदार करने वाले श्रवण सेन राम का किरदार निभाने वाले प्रकाश सारस्वत सभी ने अपने अभिनय की छाप छोड़ी और लोगों के हृदय में जगह बनाई । आज अनेक कलाकार इस दुनिया में नहीं है लेकिन उन लोगों के अभिनय ने अमिट छाप छोड़ी है फिर चाहे वह स्व. रामेश्वर लाल तिवारी हो गिरधारी बलौदा हो सलीम कायमखानी हो । वहीं वरिष्ठ सदस्यों में कैलाश छिपा, बाबूलाल जांगिड़, निरंजन शर्मा, घनश्याम खेमका , गोपाल शर्मा ,सरवन सारस्वत , विष्णु गंगावत, गोविंद शर्मा, लोकेश शर्मा पप्पू कुमार बाहेती, राजेंद्र अरोड़ा सभी लोगों के अभिनय को आज भी याद किया जाता है । वहीं कलाकारों को तैयार करने की भूमिका में मनोज जांगिड़, कैलाश जांगिड़, ललित काबरा, मुकेश जांगिड़, जोगेन्दर छीपा, मनोज छीपा सहित पूरी की पूरी टीम बिना किसी शुल्क के अपनी सेवाएं देते हैं । रींगस की इस हिन्दू मुस्लिम एकता की परिचायक ऐतिहासिक रामलीला में बाहरी कलाकारों के सहयोग को भी कम नहीं आंका जा सकता है । वर्तमान अध्यक्ष हरिप्रसाद बलौदा के नेतृत्व में मंडल ने इसी वर्ष 2026 में मंडल का रजिस्ट्रेशन करवाया और गोल्डन जुबली वर्ष भी मनाया । शहर की रामलीला में मंडल के वर्तमान अध्यक्ष हरिप्रसाद बलौदा की हनुमान उड़ान पूरे राजस्थान में प्रसिद्ध थी । वरिष्ठ सदस्यों में बजरंग लाल बुला, मदनलाल शर्मा, मोहनलाल जांगिड़, वीरेन्द्र कुमार, सांवरमल सीतमका , दामोदर तिवारी, आशिष सरोज, हंसराज कुमावत , हीरालाल शर्मा, संजय वैध, रमेश कुमार, घनश्याम कुमावत, रामौतार कुमावत, पोखर मल , कैलाश बिंवाल, रघूवीर पारीक की भूमिका को भी नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। वर्तमान मंडल के मंत्री सरवन सैया जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को होने वाली रामलीला मंचन में विभीषण शरणागति,रामेश्वरम स्थापना,रावण अंगद संवाद,कुंभकरण वध आज की लीला का मंचन किया गया ।
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