राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े का सीकर दौरा
*राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की प्रतिमा का किया अनावरण*
*शहीदों का त्याग और बलिदान नई पीढ़ी को देश सेवा के लिए प्रेरित करता है-राज्यपाल*
सीकर 15 जून ( बी एल सरोज ) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को जसरासर स्थित शहीद स्मारक में शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रृद्धांजलि दी तथा स्मारक परिसर में पौधारोपण किया।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने शहीद गोवर्धन सिंह ढाका की माता भगवानी देवी एवं पत्नी सुनीता देवी सहित शहीद वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सीकर, झुंझुनूं और नागौर सहित शेखावाटी क्षेत्र के जवानों का देश की तीनों सेनाओं में विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि भारत की सेना में 14 लाख से अधिक जवान हैं और इनमें बड़ी संख्या में राजस्थान के वीर जवान शामिल हैं। राजस्थान वीरों और शूरवीरों की भूमि रही है, जहां के सपूतों ने प्राचीन काल से देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने चित्तौड़गढ़ के बप्पा रावल और महाराणा प्रताप जैसे वीरों के योगदान को याद करते हुए कहा कि शहीद गोवर्धन सिंह ढाका का बलिदान आने वाली पीढियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा और नई पीढ़ी को राष्ट्र सेवा के लिए ऊर्जा प्रदान करेगा।राज्यपाल बागडे ने कहा कि सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में शहीदों के माता-पिता और परिवारजनों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करना चाहिए, ताकि समाज उनके त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखे। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में वीरगति प्राप्त सैनिकों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। इस अवसर पर राज्यपाल ने मंगल पांडे, खुदीराम बोस, भगत सिंह, राजगुरु सहित अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भी याद किया।कार्यक्रम में 13वीं ग्रेनेडियर्स की टुकड़ी द्वारा शहीद को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। साथ ही शहीद की माता को सम्मान पत्र प्रदान किया गया।राज्यपाल बागडे ने शहीद के परिजनों के साथ भोजन किया।कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि देश का सैनिक कठिन परिस्थितियों और विपरीत मौसम में भी 24 घंटे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और आजाद हिंद फौज के योगदान को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर, सशक्त और सामाजिक समरसता वाला राष्ट्र बनाने के लिए सभी को अपना योगदान देना होगा। यही स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के प्रति सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।
उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण, स्वच्छ भारत अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने जसरासर ग्रामवासियों की मांगों पर चर्चा करते हुए कार्य वीबीजी रामजी योजना के तहत करवाने की बात कही। साथ ही ट्यूबवेल निर्माण के लिए जलदाय मंत्री से भी वार्ता करने का आश्वासन दिया।राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर ने समारोह में कहा कि शहीदों का स्थान देवताओं से भी ऊंचा है। उन्होंने सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों में शहीदों को स्मरण करने की बात कही।पूर्व सांसद सीकर स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि शहीदों के प्रति सम्मान का भाव रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने विभिन्न अवसरों पर शहीदों को याद करने का आह्वान किया।धोद विधायक गोरधन वर्मा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को सीमा पर जाकर देश सेवा करने का अवसर नहीं मिलता, इसलिए हमें अपने कार्यों को पूरी निष्ठा और समर्पण भाव से करते हुए भारत माता के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।खंडेला विधायक सुभाष मील ने कहा कि कर्तव्य पथ पर देशहित में अपना बलिदान देने वाले वीर सदा अमर रहते हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्रहित में करते हुए देश को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने की अपील की।इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटड़, राजेश रोलन, जिला कलेक्टर आशीष मोदी, पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत, लक्ष्मणगढ़ उपखण्ड अधिकारी मोहर सिंह मीना, सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामवासी एवं शहीद वीरांगनाएं उपस्थित रहीं।
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