रींगस में बिना पुलिस वेरिफिकेशन के रहते हैं हजारों लोग !
रींगस में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने बढ़ाई चिंता, सत्यापन व्यवस्था पर उठे सवाल
एंकर :- ( बी एल सरोज ) सीकर जिले के रींगस शहर में लगातार सामने आ रही चोरी, नकबजनी और अन्य आपराधिक घटनाओं ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन हो रही वारदातों के बीच अब सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के रीको औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत हजारों श्रमिकों का समुचित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, वहीं कई फैक्ट्रियों में बिना पुलिस सत्यापन के बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार रींगस के रीको औद्योगिक क्षेत्र में संचालित सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों में विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रमिक कार्यरत हैं। सुरक्षा की दृष्टि से श्रमिकों का पुलिस सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों का रिकॉर्ड रखना जरूरी माना जाता है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर इस व्यवस्था का प्रभावी पालन नहीं होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में किसी भी आपराधिक घटना की जांच के दौरान पुलिस को पहचान और सत्यापन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इधर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। रींगस और आसपास के क्षेत्रों में स्थित होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं एवं किराये के आवासों में ठहरने वाले यात्रियों के दस्तावेजों की जांच और रिकॉर्ड संधारण को लेकर भी लापरवाही की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर पहचान पत्रों की नियमित जांच नहीं की जाती, जिससे असामाजिक तत्वों के लिए छिपना आसान हो सकता है। शहरवासियों का मानना है कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के पीछे सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी एक बड़ा कारण हो सकती है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस विभाग से रीको क्षेत्र की फैक्ट्रियों, होटलों, धर्मशालाओं तथा किरायेदारों के सत्यापन अभियान चलाने की मांग की है, ताकि शहर में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
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