महिलाओं के स्वास्थ्य की हुई जांच, लगाए टीके
गर्भवती महिलाओं व बच्चों की स्वास्थ्य जांच कर लगाए जीवनरक्षक टीके
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस व मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस मनाया गया
सीकर, 27 नवम्बर ( बी एल सरोज ) :- चिकित्सा विभाग की ओर से गुरूवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस तथा माह की 27 तारीख होने के कारण प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस मौके पर चिकित्सालयों में चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की और जीवनरक्षक टीके लगाए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने बताया कि हर माह की 9, 18 व 27 तारीख को विभाग की ओर से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर प्रसव के दौरान आने वाली जटिलताओं का समाधान किया जाता है। वहीं प्रत्येक गुरूवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर गर्भवती व बच्चों को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विशाल सिंह ने बताया कि चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन व प्रसव से संबंधित जटिलताओं की जांच की गई। साथ ही गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम व खून की कमी नहीं आए, इसके लिए आईएफए, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाइयां दी। गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का दुगुना ध्यान रखना चाहिए और समय समय पर स्वास्थ्य की जांच तथा टीके लगवाने चाहिए। दिन में कम से कम तीन बार भोजन करना चाहिए और प्रसव सरकारी अस्पताल में ही करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुरूवार को बच्चों को पीलिया, टीबी, हैपेटाइटिस बी, गलघोंटू, काली खांसी, निमोनिया, टिटनेस, मेनिनजाइटिस खसरा और रूबले, रोटा, दस्त आदि रोगों से बचाव के लिए टीके लगाए और उनको प्रसवपूर्व देखभाल के बारे में जानकारी दी गई।
निरीक्षण कर लिया स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दी गई सेवाओं को परखा
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ विशाल सिंह ने गुरूवार को जिले के सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गर्भवती व बच्चों को दी गई सेवाओं व सुविधाओं को परखा। उन्होंने जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर हर्ष, मंडावरा, खोरी डूंगर, चौखा का बास, बिड़ोली व बानूडा पीएचसी का निरीक्षण कर स्टॉफ की उपस्थिति, साफ सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, जांचों की स्थिति, उपकरणों का रखरखाव, टीकाकरण, प्रसव व एएनसी की प्रगति का जायजा लिया। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों ने टीकाकरण, प्रसव व एएनसी के लक्ष्य के अनुसार उपलब्धी अर्जित करने के निर्देश दिए।
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